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24/07/2024 5:38 am

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पोर्टलधारी गठबंधन सरकार किसानों के लिए बनती जा रही है परेशानी का सबब: कुमारी सैलजा


मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर डबवाली के किसानों की फसल का पंजीकरण दूसरे जिलों में दिखाया


किसान न तो मंडी में फसल बेच पा रहा है और न ही सुंडी से बर्बाद हुई फसल का मिल सकेगा मुआवजा

चंडीगढ़ : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य और हरियाणा कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि पोर्टलधारी भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति कर्मचारी के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है, किसान तो इस सरकार की नीतियों के चलते सिर पकडकर बैठा हुआ है जो इस समय मानसिक और आर्थिक तौर से टूट चुका है।

डबवाली क्षेत्र के किसानों ने मेरा फसल मेरा ब्यौरा के तहत फसलों का पंजीकरण करवाया था वह पंजीकरण कैथल, पलवल और अन्य जिलों में दिखा रहा है जिसके चलते न तो किसान अपनी फसल बेच पा रहा है और न ही गुलाबी सुंडी से बर्बाद हुई कपास की फसल का उसे मुआवजा मिल पाएगा। सरकार के जनविरोधी रवैये के चलते जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है और जनता आगामी चुनाव में इस  सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार हो चुकी है।


मीडिया को जारी एक बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन की पोर्टलधारी सरकार की पोल दिन प्रति दिन परत दर परत खुलती जा रही है। एक के बाद एक फर्जीवाड़ा और घोटाला सामने आ रहा है। सरकार के शोषित और पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों पास जाता हैं पर उसकी कोई सुनवाई नहीं होती और उच्चाधिकारी या सरकार के विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री केवल आश्वासन देकर उसे टरका देते हैं। प्रॉपर्टी आईडी का सच सामने आ चुका है।

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने किसानों को परेशान करने के लिए उसके साथ पोर्टल-पोर्टल खेलना शुरू हुआ। पहले तो किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल के पंजीकरण के लिए भटकना पड़ता है और जब पंजीकरण पूरा हुआ तो पता चला कि पंजीकरण किसी दूसरे जिले में दिखाया जा रहा है। डबवाली क्षेत्र की फसल का ब्यौरा कैथल, पलवल और गुरुग्राम में पाया जा रहा है। किसान इसकी लगातार शिकायत कर रहे हैं लेकिन सरकार इस समस्या का कोई समाधान निकालने में असमर्थ रही। किसान वर्ग इस दफ्तर से उस दफ्तर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सरकार से उन्हें निराशा के आलावा कुछ नहीं मिला। सरकार के इसी रवैये की वजह से हरियाणा की जनता में आक्रोश फैला हुआ है एवं जनता आगामी चुनाव में भाजपा सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार हो चुकी है।


उन्होंने कहा है कि सिरसा जिला के डबवाली उपमंडल के गांव शेरगढ़ निवासी जसबीर सिंह भाटी जो राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष है ने अपनी 04 एकड़ भूमि में कपास की फसल बीजी थी, उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाया था, वे फसल बेचने मंडी में गए तो पता चला कि उनकी फसल का पंजीकरण जिला पलवल में दिखाया जा रहा है यानि वे सिरसा में फसल नहीं बेच सकते थे। इस खामी के चलते उन्हें गुलाबी सुंडी से बर्बाद हुई कपास की फसल का मुआवजा भी नहीं मिल सकेगा। इसी गांव के जसकरण सिंह भाटी है जिन्होंने 14 एकड़ में धान की रोपाई की थी फसल बेचने मंडी में गए तो पता चला कि उनकी फसल का पंजीकरण कैथल में दिखाया जा रहा है। गांव गंगा के सुखविंद्र सिंह की फसल का पंजीकरण भी कैथल में दिखाया जा रहा है तो गांव मोडी के किसान मनकीत सिंह की फसल का पंजीकरण गुरुग्राम में बताया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह सरकार किसानों के साथ पोर्टल पोर्टल खेलकर उनके साथ भद्दा मजाक कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात सिरसा में ही नहीं दूसरे जिलों में भी है। ऐसे किसानों की न तो अधिकारी सुनवाई कर रहे है और न ही सरकार।  उन्होंने कहा कि सरकार से परेशान प्रदेश का हर व्यक्ति आने वाले चुनाव की प्रतीक्षा कर रहा है ताकि इस सरकार से चुन चुन कर बदला ले सके।

dawn punjab
Author: dawn punjab

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