Follow us

26/02/2024 6:43 pm

Download Our App

Home » News in Hindi » पंजाब » Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ युवा कांग्रेस का BJP के खिलाफ़ रोष प्रदर्शन

Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ युवा कांग्रेस का BJP के खिलाफ़ रोष प्रदर्शन

आज यहां चंडीगढ़ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्द्धनग्न होकर अपनी पीठ के ऊपर लोकतंत्र की हत्या बंद करो लिखकर सरकार और प्रशासन को चेताने का काम किया।

इस अवसर पर बोलते हुए चंडीगढ़ कांग्रेस के नेता हरमेल केसरी ने बताया कि पिछली 30 जनवरी को चंडीगढ़ नगर निगम में जिस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या हुई और भाजपा के कार्यकर्ता अनिल मसीह ने 8 वोट को निरस्त करके चंडीगढ़ नगर निगम का मेयर भाजपा के उम्मीदवार को घोषित किया।

यह सीधे शब्दों में लोकतंत्र की हत्या है।

इस अवसर पर बोलते हुए हरमेल केसरी कहा पिछले दिनों में भारत रत्न देश के तीन महान लोगों को देने का फैसला किया गया, यह तीनों ही हमारे लिए सम्मानित ,महान हस्तियां हैं, लेकिन आप देखिए सरकार की नीति और नियत में कितना फर्क है एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को मरणो उपरांत भारत रत्न देकर सम्मानित कर रहे हैं ,वह किसानों के मसीहा माने जाते थे लेकिन अगर आप 2 साल पीछे जाएंगे तो देश के किसानों के खिलाफ तीन ऐसे काले कानून पास किए गए, किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर पर सरकार के खिलाफ धरना लगाया और 700 से अधिक किसान शहीद हो गए ।

फिर दूसरे महान व्यक्ति स्वामीनाथन , जिनकी सबसे बड़ी इच्छा किसानों को फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर देने की थी , सरकार ने अपने 2014 और 2019 के चुनाव में किए
गए के इस वादे को भी पूरा नहीं किया और आज स्वामीनाथन को भारत रत्न देकर सम्मानित कर रहे हैं लेकिन उनकी इच्छा को पूरे करने का प्रयास यह सरकार नहीं कर रही।

उसके बाद हमारे पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय नरसिम्हा राव जी को भारत रत्न देने का फैसला लिया गया नरसिम्हा राव जी को आर्थिक सुधारों का जनक देश में कहा जाता था लेकिन उनकी आर्थिक नीतियों को सरकार अपनाने का काम नहीं कर रही है और नरसिम्हा राव के रहेआदर्श पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के ऊपर लगातार यह सरकार कीचड़ उछलना का काम कर रही है।

इस अवसर पर हरमेल केसरी ने कहा कि देश के जनता अपने क्षेत्र के सांसद को वोट इसलिए देती है ताकि वह संसद में बैठकर देश के गरीब लोगों के लिए और देश के जनता के लिए अच्छे कानून और अच्छी नीतियां बना सके लेकिन जब से देश आजाद हुआ है तब से अब तक, जो संसद पिछले 5 साल चली है वह केवल 274 दिन चली है इसका मतलब एक साल के अंदर करीब करीब 54 या 55 दिन यह संसद चली है , जो 1947 के बाद सबसे कम समय है ।

जब यह सरकार संसद में बैठकर गरीबों के लिए फायदेमंद कानून और नीतियां नहीं बना सकती तो वह भारत की जनता से अपील करते है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में वह भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने का काम ना करें ।

dawn punjab
Author: dawn punjab

Leave a Comment

RELATED LATEST NEWS

Top Headlines

BKU ਏਕਤਾ-ਉਗਰਾਹਾਂ ਵੱਲੋਂ 16 ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਵਿੱਚ 44 ਥਾਂਵਾਂ ‘ਤੇ ਟਰੈਕਟਰ ਮਾਰਚ ਕਰਕੇ WTO ਦੇ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕ ਮੁਜ਼ਾਹਰੇ

ਸ਼ੁਭਕਰਨ ਸਿੰਘ ਦੇ ਕਾਤਲਾਂ ‘ਤੇ ਕਤਲ ਦਾ ਕੇਸ ਦਰਜ ਕਰਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਮੰਗ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ: ਭਾਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ (ਏਕਤਾ-ਉਗਰਾਹਾਂ) ਵੱਲੋਂ ਸੰਯੁਕਤ

Live Cricket

Rashifal